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महिला पर्यवेक्षिका के द्वारा वरीय पदाधिकारी के माथे पर लग रहा है कलंक का टीका । डीएम के आदेश की उड़ाई जा रही धज्जियां ।

समस्तीपुर 21 जुलाई 2019 !

रिपोर्ट:- आशीष कुमार/धर्म विजय प्रसाद गुप्ता !

डीएम के आदेश की उड़ाई जा रही धज्जियां । महिला पर्यवेक्षिका अपने पति के साथ पहुंच रहे आम सभा स्थल पर।

महिला पर्यवेक्षिका के पति खुद सभी लिखित कार्य करते हुये नजर आए।

समय रहते आंगनवाड़ी सेविका एवं सहायिका के बहाली में हो रहे गोरखधंधे को नहीं रोका गया तो कोर्ट में अधिकतर केस आंगनवाड़ी सेविका एवं सहायिका से जुड़ी हुई नजर आएगी।

वारिसनगर प्रखंड क्षेत्र के सतमलपुर पंचायत के वार्ड संख्या 8 केंद्र संख्या 148 में आंगनवाड़ी सेविका एवं सहायिका कि वहाली दूसरी आम सभा के माध्यम से दिंनाक 20/07/2019 को राजकीय मध्य विद्यालय सतमलपुर में किया जाना था जिसको लेकर आज विद्यालय पर ग्रामीणों का जूटाब भी हुआ लेकिन महिला पर्यवेक्षिका आम सभा स्थल पर नही पहुंच पाई।

जब समय बितता गया तो सतमलपुर पंचायत के मुखिया पति वसीम राजा के द्वारा महिला पर्यवेक्षिका से फोन से संपर्क कर आम सभा स्थल पर आने को कहा गया तो पर्यवेक्षिका द्वारा बताया गया कि मेरी तबीयत खराब है मै नही आ सकती।

आखिर बिना किसी सूचना का आम सभा को क्यूँ स्थगित किया गया।आपको बताते चले कि सतमलपुर पंचायत के वार्ड संख्या 8 केंद्र संख्या 148 में सेविका एवं सहायिका की बहाली का प्रथम आम सभा दिनांक 12/07/2019 को किया गया था जिसमें सारी प्रक्रिया महिला पर्यवेक्षिका द्वारा बिना मार्गदर्शिका पढ़ कर सुनाये हीं सूचना पंजी पर ग्रामीणों का हस्ताक्षर करा लिया गया था और ऑन लाइन निकाला गया मेघा सूची के क्रमांक संख्या 1 को छोर कर सिधे क्रमांक 3 पर नाम दर्ज चांदनी खातुन पति साह फैसल का बहाली नियमाबली पढ़कर सुनाये बगैर हीं बहाली कि प्रक्रिया पुर्न की जा रही थी जिसको लेकर आम जनता को सक होते हीं मौजूद लोगों के द्वारा गलत बहाली का विरोध किया गया और मार्गदर्शिका पढ़ कर सुनाने कि मांग होने लगी।

तब जाकर महिला पर्यवेक्षिका द्वारा नियमाबली पुस्तिका उपलब्ध नहीं होने का बात बताया गया। आखिर एक महिला पर्यवेक्षिका के पास गजट मार्गदर्शिका उपलब्ध नहीं नहीं होने का कारण कहीं न कहीं पैसे की लेनदेन और गलत बहाली को दर्शाता है। जिसके बाद आमसभा स्थगित कर अगला तिथि 20 /07/2019 निर्धारित किया गया।पुनह दुसरी आमसभा में उस वार्ड के लोग मौजूद हुये लेकिन समय निर्धारित होने के बाद भी महिला पर्यवेक्षिका नही आई ।

ग्रामीणों का बताना है कि बहाली प्रक्रिया के नियमानुसार सभी आवेदिका को ऑनलाइन आवेदन लिया गया था ऑनलाईन मेघा सूची भी तैयार कर नेट पर डाल दिया ।

जिस मेघा सूची के आधार पर बहाली करनी थी जिसमें प्रथम स्थान,पिंकी देवी पति राज कुमार महतो,दुसरा स्थान यास्मीन प्रवीण पति येयाज अहमद,तीसरा स्थान चांदनी खातुंन पति साह फैसल,चौथे स्थान सबाना आजमी,पाचवा स्थान घेज़ला प्रवीण एबं छठे स्थान पर रुबी खातुन जो बिक्लांग भी है का नाम आ रहा है वहीं लोगों का बतना है कि महिला पर्यवेक्षिका द्वारा बताया गया की प्रथम आवेदिका पिंकी देवी पति राज कुमार महतो जो बाहुल्य वर्ग मैं नहीं आती है जिससे उसकी बहाली नहीं हो सकती है वहीं दूसरे स्थान पर यासमीन प्रवीण पति एयाज अहमद जो वार्ड 8 की आवेदिका है एबं वोटर लिस्ट के क्रमांक संख्या 838 एबं इपिक नम्बर SPK 2118537 दर्ज है जिसका सारा प्रूफ भी उसके साथ उपलब्ध है फिर उसका बहाली क्यों नहीं किया जा रहा है जबकि तीसरे नम्बर पर जो आवेदिका चान्दनी खातुन पति साह फैसल जो खुद जन वितरण प्रणाली(PDS) का दुकान चला रहा हो उसका बहाली किस आधार पर किया जा रहा है जबकि बिहार सरकार द्वारा प्रकाशित मार्गदर्शिका 2016 के पेज संख्या 5 एवं सीरियल 6 में साफ दर्शाया गया है कि किसी जन वितरण प्रणाली की पत्नी, बहु, सेविका एवं सहायिका के चयन के लिए अयोग्य होगी उसकी बहाली नही हो सकती है।

आखिर क्या कारण है कि एक महिला पर्यवेक्षिका अमरास कुमारी द्वारा सरकारी नियमों को ताक पर रख धज्जियां उड़ाई जा रही है और प्रखन्ड से लेकर जिले में बैठे पदाधिकारी का नाक कटवा रही है कानून की धज्जियां उड़ाने वाली महिला को किस प्रकार महिला पर्यवेक्षिका बना दिया गया जिसे मार्गदर्शिका का ज्ञान ना हो वह किस प्रकार निष्पक्ष बहाली कर सकती है आखिर सरकार एक ओर जहां निष्पक्ष बहाली को लेकर सभी प्रक्रिया ऑनलाइन कर रखी है वही ऑनलाइन मेघा सूची के आधार पर सभी सर्टिफिकेट का मिलान कर एवं बाहुल्य वर्ग को देखते हुए निष्पक्ष बाली क्यों नहीं कर रही है वही ग्रामीणों का कहना है कि ऑनलाइन मेघा सूची होने के बावजूद भी क्यों महिला पर्यवेक्षिका द्वारा सीरियल का हेरा फेरी कर सरकारी नियमों को ताक पर रखकर एक मोटी रकम लेकर सेविका और सहायिका की बहाली कर रही है महिला पर्यवेक्षिका द्वारा आम सभा में किसी प्रकार से जनता को बरगला कर मार्गदर्शिका बिना पढ़ कर सुनाये हीं क्यों आम सभा में मौजूद लोगों से सादे पनजी पर हस्ताक्षर करा लिया गया।

आज जिले में चल रहे आंगनवाड़ी सेविका एवं सहायिका के बहाली में गोरखधंधा के बजह से अधिकतर लोग मजबूरन कोर्ट तक पहुंच रहे है और एक भी केश का निपटारा नही हो पाता है सभी केश उलझ कर रह जाता है एक और सरकार जहां केश कम करना चाहती है वही भ्रष्ट पदाधिकारी के द्वारा प्रत्येक प्रखंड में अधिकतर केस आंगनवाड़ी सेविका के गलत बहाली के वजह से कोर्ट तक पहुंच रही है फिर भी प्रशासनिक अधिकारी मौन क्यों है क्या उस राशी में जिला में बैठे प्राधिकारी को भी कमीशन जाता है तभी तो इस प्रकार का खेल धड़ल्ले से खेला जा रहा है अगर समय रहते जांच की प्रक्रिया पूर्ण कर बहाली नहीं की जाएगी तो आने वाले समय में इन पदाधिकारियों के माथे पर प्रखंड महिला पर्यवेक्षिका द्वारा कलंक का टीका लगना स्वाभाविक है

आगे मैं यह भी बता दूंगी किसी भी आंगनवाड़ी सेविका एवं सहायिका के बहाली में महिला पर्यवेक्षिका के पति को साथ में नहीं ले जाना है जबकि महिला पर्यवेक्षिका अमरास कुमारी के पति भीआम सभा में बैठकर सभी लिखित कार्य खुद अपने हाथों से करते हुए नजर आए।

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